बीते कुछ सालों में रोबोटिक सर्जरी का चलन बढ़ा है. इसमें छोटे कट लगते हैं और मरीज की रिकवरी भी अच्छी हो जाती है, लेकिन ये सर्जरी क्या डॉक्टर की जगह रोबोट करते हैं? रोबोटिक सर्जरी क्या और किन मरीजों के लिए फायदेमंद है इस बारे में जानते हैं.
रोबोटिक सर्जरी को लेकर लोगों के मन में एक आम गलतफहमी है कि इसमें ऑपरेशन रोबोट खुद करता है. हालांकि ऐसा नहीं है. पूरी सर्जरी सर्जन ही करते हैं, सर्जन एक खास कंसोल पर बैठकर शरीर के अंदर का हाई-डेफिनिशन 3डी व्यू देखते हैं और रोबोटिक उपकरणों को अपने हाथों से कंट्रोल करते हैं. इससे सर्जन को शरीर के अंदर छोटे हिस्सों, नसों और ऑर्गन को देखने में आसानी होती है. इस सर्जरी में मरीज को भी काफी फायदा होता है. बीते कुछ सालों में देश के प्राइवेट अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों में भी रोबोटिक सर्जरी की जा रही है. न्यूरोलॉजी से लेकर पेट की सर्जरी भी इसकी मदद से की जा रही है.
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छोटे कट, कम नुकसान
अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल जयपुर में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी विभाग में डॉ. मुजाहिद सलीम बताते हैं कि रोबोटिक सर्जरी में बड़े चीरे की जगह छोटे कट लगाए जाते है. इन्हीं छोटे रास्तों से कैमरा और सर्जरी के उपकरण शरीर के अंदर पहुंचाए जाते हैं. इससे आसपास के टिश्यू यानी शरीर के टिश्यू को कम नुकसान पहुंचाने में मदद मिल सकती है. सर्जरी के बाद मरीज के लिए सबसे बड़ी चिंता जल्द से जल्द रिकवर होने की होती है. चूंकि रोबोटिक सर्जरी में चीरा छोटा लगता है और ब्लड लॉस कम होता है तो कई मरीजों की रिकवरी भी जल्दी हो जाती है. इससे अस्पताल में रहने का समय भी कम हो सकता है.
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हर मरीज के लिए रोबोटिक सर्जरी जरूरी नहीं
डॉ सलीम कहते हैं कि रोबोटिक सर्जरी एक एडवांस तकनीक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर मरीज के लिए यही सबसे बेहतर होगा. इस मामले में डॉक्टर मरीज की बीमारी, उसकी पूरी हेल्थ और सभी ब्लड टेस्ट के बाद भी ये फैसला लेते हैं कि ये मरीज रोबोटिक सर्जरी के लिए फिट है या नहीं है.
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