कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की अपनी बात एक बार फिर दोहराई है. उन्होंने कहा कि यह पूरी बहस ही बेवजह की है. उनका कहना है कि हर पार्टी को अपनी राय रखने और अपने नेता को आगे बढ़ाने का अधिकार है, लेकिन इससे राजनीतिक हकीकत नहीं बदल जाती. कार्ति चिदंबरम के मुताबिक जिसके पास 272 सांसदों का समर्थन होगा, वही देश का अगला प्रधानमंत्री बनेगा, चाहे वह किसी एक पार्टी से हो या किसी गठबंधन से.
कार्ति चिदंबरम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री पद को लेकर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसकी कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा संसद में जिस भी दल या गठबंधन के पास 272 सांसदों का आंकड़ा होगा, सरकार बनाने और प्रधानमंत्री चुनने का हक उसी का होगा. यह भारत के संविधान की तय व्यवस्था है और इसमें किसी तरह की उलझन की गुंजाइश नहीं है.
उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीति को समझते हैं, वे अच्छी तरह जानते हैं कि किस पार्टी में यह ताकत है और कौन सी पार्टी वाकई 272 का आंकड़ा जुटा सकती है. उनका इशारा साफ था कि जमीनी राजनीतिक क्षमता किसके पास है, यह किसी से छिपा नहीं है.
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कार्ति चिदंबरम ने यह भी कहा कि चुनाव नजदीक आने पर हर पार्टी अपने नेता की तारीफ में बयान देती है, कई बार जरूरत से ज्यादा प्रशंसा भी होती है. यह चुनावी माहौल का हिस्सा होता है, लेकिन इसे राजनीतिक हकीकत समझने की भूल नहीं करनी चाहिए. उनके अनुसार असली तस्वीर चुनाव नतीजों में ही सामने आएगी.
उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीति की बारीकियां समझते हैं, वे जानते हैं कि आखिरकार भारत में सरकार बनाने की ताकत किस पार्टी के पास है. इसी वजह से उन्होंने मौजूदा विवाद को पूरी तरह गैर-जरूरी बताया और कहा कि इस पर ज्यादा बहस करने की जरूरत नहीं है.
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