छोटी-छोटी बातों पर रोना आता है… पोस्टपार्टम डिप्रेशन पर खुलकर बोलीं करिश्मा तन्ना

छोटी-छोटी बातों पर रोना आता है… पोस्टपार्टम डिप्रेशन पर खुलकर बोलीं करिश्मा तन्ना

छोटी-छोटी बातों पर रोना आता है… पोस्टपार्टम डिप्रेशन पर खुलकर बोलीं करिश्मा तन्ना

करिश्मा तन्ना

एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना और उनके पति वरुण बंगेरा इस साल जुलाई में एक बेटे के पैरेंट्स बने हैं. एक्ट्रेस अक्सर सोशल मीडिया पर अपने मदरहुड और पैरेंटहुड से जुड़ी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं. वहीं अब उन्होंने पोस्टपार्टम डिप्रेशन को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि बच्चे को जन्म देने के बाद वह इमोशनली कमजोर महसूस कर रही थीं और उन्हें अचानक रोना आ जाता था. करिश्मा ने ये भी बताया कि डिलीवरी से पहले उन्होंने खुद को इस सिचुएशन के लिए तैयार किया था.

करिश्मा ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, ये बेहतरीन एहसास है. जब मैंने बच्चे को जन्म दिया, तो मैं दंग रह गई. ये एक बिल्कुल अलग एहसास है, जिम्मेदारी और इमोशनल लगाव. ऐसा लगता है जैसे आपने अपने शरीर के एक अंग को जन्म दिया हो. मदरहुड आसान नहीं है, लेकिन ये खूबसूरत है.

मां बनने के बाद समझी असली ताकत

करिश्मा ने कहा कि मां बनने के बाद उन्हें महिलाओं की ताकत का असली मतलब समझ आया. उनके हिसाब से बच्चे की डिलीवरी के दौरान महिलाएं जिस हिम्मत से मुश्किल समय का सामना करती हैं, वो काबिल-ए-तारीफ है. इसी के साथ उन्होंने अपने बच्चे के देखभाल में मदद करने वाले परिवार और अपने सपोर्ट सिस्टम का भी शुक्रिया अदा किया.

एक्ट्रेस ने बताया, “कई बार ऐसा होता है कि आप छोटी-छोटी बातों पर रोने लगती हैं. मैंने इसके लिए खुद को पहले से ही तैयार कर लिया था, कि ये एक नॉर्मल परेशानी है और मैं इससे उबर सकती हूं. हालांकि इन सब के बाद भी, ये आप पर असर डालता है और इसे कंट्रोल नहीं कर सकते. आपको इससे गुजरना ही पड़ता है.”

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खुद को दोष न दें

करिश्मा ने नई माताओं को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें खुद को दोषी नहीं मानना चाहिए और न ही हर बात को लेकर बुरा महसूस करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हर मां अपने बच्चे के लिए अपनी तरफ से सही फैसला लेने की कोशिश करती है.

टांकों और हार्मोनल चेंज के बीच मां बनना

करिश्मा ने कहा कि बच्चे को जन्म देने के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. टांकों से लेकर हार्मोनल बदलावों तक, एक महिला को कई मुश्किल सिचुएशन से गुजरना पड़ता है. ऐसे समय में फिजिकल और इमोशनल दोनों तरह की चेलैंज सामने आते हैं. करिश्मा ने ये भी बताया कि मां बनने के लिए जिस ताकत की जरूरत होती है, उसके बारे में सोचना भी आसान नहीं है.

सरिता शर्मा

सरिता शर्मा

सरिता शर्मा दिल्ली की रहने वाली हैं. वर्ष 2014 में दिल्ली विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट हिंदी जर्नलिज्म में डिप्लोमा की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से ही साल 2018 में एमए हिंदी की डिग्री प्राप्त की है. बतौर कंटेंट राइटर सरिता शर्मा की पहली जॉब है. टीवी9 भारतवर्ष में कंटेंट राइटर के रूप में धर्म सेक्शन के लिए लेखन का कार्य कर रही हैं.

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