‘भारत-पाक का झगड़ा सुलझाने में इंटरनेशनल सिस्टम फेल…’ UNGA के बीच मार्को रुबियो का बड़ा दावा – us fm marco rubio claims global order failure resolve india pakistan conflict ntc drmt

‘भारत-पाक का झगड़ा सुलझाने में इंटरनेशनल सिस्टम फेल…’ UNGA के बीच मार्को रुबियो का बड़ा दावा – us fm marco rubio claims global order failure resolve india pakistan conflict ntc drmt

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की हाई लेवल मीटिंग के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वैश्विक व्यवस्था को लेकर एक तीखी टिप्पणी की है. मार्को रुबियो ने दावा किया कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पूरी तरह टूट चुकी है और ये भारत और पाकिस्तान जैसे संघर्षों को सुलझाने में नाकाम साबित हो रही है.

प्रेस से बात करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ये बहुत अच्छा होता अगर दुनिया में कोई ऐसी फंक्शनल अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था मौजूद होती, जो ग्लोबल लेवल पर होने वाले टकरावों को रोक सकती और उनका समाधान कर सकती थी. 

हालांकि, उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं में अपार संभावनाएं होने के बावजूद वो अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं.

‘दुनिया के किसी भी बड़े संघर्ष को सुलझाने में लाचार’

रुबियो ने कहा, ‘कई वर्ल्ड लीडर्स ने इस बात की ओर इशारा किया है कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था नाकाम हो रही है. ये इसलिए नाकाम हो रही है क्योंकि ये अपने असल मकसद और तयशुदा दायरे से बहुत आगे निकल चुकी है. ये उन तमाम चीजों में उलझी हुई है, जिनमें इसे नहीं होना चाहिए था और आज ये दुनिया के किसी भी बड़े संघर्ष को सुलझाने में लाचार है.’

उन्होंने जोर देकर कहा कि यूएन जैसी संस्थाएं अपने ही बोझ से टूट चुकी हैं और इन्हें इनके फोकस और उचित भूमिका में वापस लाए जाने की सख्त जरूरत है.

‘भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले झगड़े…’

रुबियो ने आगे कहा, ‘लेकिन ये इसलिए टूटा है क्योंकि ये खुद टूट गया है. इसे इसके सही फोकस और सही रोल पर वापस लाने की जरूरत है. ये बहुत अच्छा होगा अगर हमारे पास एक काम करने वाला इंटरनेशनल सिस्टम हो, जैसे, जो थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हुए युद्ध या भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले झगड़े से निपट सके. अभी, ऐसा नहीं लगता कि हमारे पास कोई काम करने वाला इंटरनेशनल सिस्टम है जो इसे सुलझा सके.’

अमेरिका हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखेगा’

रुबियो ने ये भी कहा कि मौजूदा व्यवस्था के नाकाम होने की स्थिति में संप्रभु राष्ट्र अपने राष्ट्रीय हितों के तहत ही फैसले लेंगे और काम करेंगे. उन्होंने कहा कि जब तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में हैं, अमेरिका हमेशा अपने देश के हितों को सबसे पहले रखेगा, न कि किसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था या आदेश को. अमेरिकी नीति के केंद्र में हमेशा देशहित रहेगा.

बता दें कि मार्को रुबियो के ये बयान ठीक उस दिन आए, जब उससे एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएन महासभा के मंच से दुनिया को संबोधित किया था. अपने संबोधन में ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया था कि उन्होंने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध को सुलझाया था. 

यह भी पढ़ें: UNGA में अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से मिले जयशंकर, 100% टैरिफ वाले कानून पर जताई चिंता

हालांकि, भारत ने हमेशा से यही कहा है कि पाकिस्तान के साथ सीजफायर का समझौता दोनों देशों की सेनाओं के मिलिट्री ऑपरेशन डायरेक्टर्स जनरल के बीच हुई सीधी बातचीत का नतीजा था. भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता या हस्तक्षेप के दावों को हमेशा खारिज किया है.

वहीं, राजनयिक गलियारों से मिल रही खबरों के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 19 अक्टूबर को भारत दौरे पर आ सकते हैं.

—- समाप्त —-

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *