DM ने कलेक्ट्रेट में धरना रोका तो किसान बोले- अधिकारी जहां बैठेंगे, प्रदर्शन वहीं होगा – bijnor collectorate dharna ban farmers protest indira bal bhawan lclar

DM ने कलेक्ट्रेट में धरना रोका तो किसान बोले- अधिकारी जहां बैठेंगे, प्रदर्शन वहीं होगा – bijnor collectorate dharna ban farmers protest indira bal bhawan lclar

बिजनौर के नव नियुक्त जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में होने वाले धरना-प्रदर्शनों को लेकर नया आदेश जारी किया है. अब कलेक्ट्रेट परिसर में किसी भी तरह का धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा. नवागत डीएम ने 23 सितंबर को बिजनौर का कार्यभार संभाला था. कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही थी. अब उनके पहले ही दिनों में कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन को लेकर यह आदेश सामने आया है.

डीएम की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब विभिन्न संगठन, किसान यूनियन, राजनीतिक दल और दूसरे वर्ग अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना नहीं दे सकेंगे. प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी मैदान के पास स्थित इंदिरा बाल भवन को निर्धारित स्थल बनाया गया है. यहां भी प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति लेनी होगी. प्रशासन का कहना है कि बिजनौर शांति और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील जिला है. जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी न्यायालय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन तथा वित्त एवं राजस्व न्यायालय, चकबंदी न्यायालय, उपभोक्ता फोरम समेत कई न्यायालय और सरकारी कार्यालय चलते हैं.

ट्रैक्टर-ट्रॉली और लाउडस्पीकर का भी दिया हवाला

डीएम के आदेश में कहा गया है कि कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न किसान यूनियनों, संगठनों, राजनीतिक दलों और दूसरे वर्गों की ओर से अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन किए जाते हैं. प्रदर्शन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली और दूसरे वाहनों के पहुंचने से कलेक्ट्रेट परिसर में भीड़ बढ़ जाती है. इससे व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनती है. आदेश में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का भी जिक्र किया गया है. प्रशासन के मुताबिक तेज आवाज के कारण न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों के कामकाज में भी व्यवधान उत्पन्न होता है.

जिलाधिकारी ने अपने आदेश में अमित साहनी बनाम स्टेट ऑफ दिल्ली और मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया है. आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक रास्तों, सार्वजनिक स्थलों या कलेक्ट्रेट परिसरों पर अनिश्चितकाल के लिए कब्जा करके धरना-प्रदर्शन या आवागमन में बाधा उत्पन्न नहीं की जा सकती. साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन का अधिकार संविधान के तहत प्राप्त है, लेकिन इसे आम जनता के अधिकारों, कानून-व्यवस्था और स्वतंत्र आवागमन के अधिकार के साथ संतुलित करना जरूरी है. किसान संगठनों ने कहा- अधिकारी जहां बैठेंगे, धरना वहीं होगा

भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने इस आदेश को गलत बताया. उनका कहना है कि किसान वहीं धरना देता है जहां अधिकारी उसकी बात सुन सकते हैं. उनके मुताबिक सभी अधिकारी कलेक्ट्रेट में बैठते हैं, इसलिए किसान कलेक्ट्रेट में ही धरना-प्रदर्शन करते हैं. सुनील प्रधान ने कहा कि इस तरह के आदेश पहले भी जारी होते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन होते रहे हैं. उन्होंने कहा कि जहां अधिकारी बैठेंगे, वहीं धरना और प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा.

किसान यूनियन अराजनैतिक के जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही ने भी डीएम के आदेश को गलत बताया. उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से मिलने जाता है और उसी जगह जाता है जहां अधिकारी बैठते हैं. जब अधिकारी कलेक्ट्रेट में बैठते हैं तो धरना-प्रदर्शन भी कलेक्ट्रेट में ही होता है. नितिन सिरोही के मुताबिक इंदिरा बाल भवन कलेक्ट्रेट से करीब 500 मीटर दूर है और वहां कोई अधिकारी नहीं बैठता. उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी इंदिरा बाल भवन में बैठने लगेंगे तो धरना-प्रदर्शन भी वहीं शुरू कर दिया जाएगा.

इस आदेश के पीछे कलेक्ट्रेट परिसर में हाल में हुए धरने का भी जिक्र किया जा रहा है. बुधवार को आजाद समाज पार्टी ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया था. इस दौरान कलेक्ट्रेट में भीड़ और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की स्थिति बनी. इसी के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है. बिजनौर में कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन का मुद्दा नया नहीं है. इससे पहले डीएम अंकित अग्रवाल ने भी कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाई थी. इसके बावजूद बाद में कलेक्ट्रेट परिसर में धरने और प्रदर्शन होते रहे.

हाल में भी कलेक्ट्रेट परिसर में किसान महापंचायत हुई थी, जिसमें बड़ी संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर पहुंचे थे. उस दौरान ट्रैक्टरों को इंदिरा बाल भवन में खड़ा कराया गया और किसान पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे थे. अब नए आदेश के बाद प्रशासन के सामने इसे लागू कराने की चुनौती है.

आजाद समाज पार्टी के धरने के बाद आया आदेश

एक तरफ प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर को धरना-प्रदर्शन से मुक्त रखने के लिए इंदिरा बाल भवन को निर्धारित स्थल बनाया है, वहीं किसान संगठन साफ कह रहे हैं कि उनकी मांगों की सुनवाई जहां होगी, प्रदर्शन भी वहीं किया जाएगा. डीएम ने पुलिस अधीक्षक समेत संबंधित अधिकारियों को आदेश भेजकर इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किसान संगठन और दूसरे संगठन नए निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन करते हैं या कलेक्ट्रेट में ही धरना देने की अपनी मांग पर कायम रहते हैं.

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