रुबीना दिलैकImage Credit source: rubinadilaik/Instagram
टेलीविजन एक्ट्रेस रुबीना दिलैक इन दिनों स्टंट बेस्ड रियलिटी शो खतरों के खिलाड़ी 15 में अपने डर का सामना करती नजर आ रही हैं. जुड़वां बेटियों एधा और जीवा के जन्म के करीब दो साल बाद शो में वापसी करने वाली रुबीना ने बताया कि इस चुनौती को स्वीकार करने के पीछे उनकी बेटियां भी एक बड़ी वजह थीं. वह चाहती थीं कि उनकी बेटियां जब कभी उन्हें इस शो में देखें तो उनसे हिम्मत और आत्मविश्वास की सीख लें. Times of India TV के साथ खास बातचीत में रुबीना ने स्टंट करने के एक्सपीरियंस, पति अभिनव शुक्ला के लगातार सपोर्ट और बेटियों से दूर रहने के दौरान अपनी भावनाओं के बारे में खुलकर बात की है.
रुबीना ने बताया कि दबाव में रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना आसान नहीं होता. उन्होंने कहा कि जितना ज्यादा दबाव हम खुद पर डालते हैं, उतना ही मुश्किल अपने लक्ष्य को हासिल करना हो जाता है. उन्होंने कभी बाहरी दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया, लेकिन इस बार वह खुद से ज्यादा उम्मीदें कर रही थीं. रुबीना ने इस दौरान ये भी बताया कि शो के लिए बेटियों से दूर जाना उनके लिए आसान नहीं था. शूटिंग के दौरान उन्हें बेटियों की इतनी याद आती थी कि वो फोन पर ही फूट-फूटकर रोने लगती थी.
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अभिनव से फोन पर बात करते हुए रो पड़ी थीं रूबीना
रुबीना ने बताया कि शो के पहले स्टंट के बाद उन्हें एंबुलेंस तक ले जाना पड़ा था. यही वह पल था जब उनके मन में पहली बार आया कि शायद उन्होंने शो में आने का गलत फैसला कर लिया है. उन्हें लगा कि शायद उन्हें अपनी ताकत दोबारा हासिल करने के लिए चार-पांच साल और इंतजार करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि मां बनने के सिर्फ दो साल के अंदर पहले जैसी फिजिकल फिटनेस हासिल करना आसान नहीं होता. हालांकि वह खुद को एथलीट नहीं मानतीं, लेकिन हमेशा से शारीरिक रूप से एक्टिव और मजबूत रही हैं. इसके बावजूद मां बनने के बाद बहुत कुछ बदल जाता है. रुबीना ने बताया कि उस समय उन्होंने अभिनव से फोन पर बात करते हुए रोते हुए कहा था कि शायद उन्होंने गलत फैसला कर लिया है.
चाहती हैं कि बेटियां उन्हें देखकर सीखें
रुबीना ने बताया कि शो में हर स्टंट के दौरान उनकी बेटियां उनके दिमाग में रहती थीं. वह चाहती हैं कि जब उनकी बेटियां बड़ी होकर यह शो देखें तो उन्हें लगे कि अगर उनकी मां यह कर सकती हैं, तो वे भी अपने डर का सामना कर सकती हैं. हालांकि, रुबीना ने साफ किया कि वह अपनी बेटियों को खतरनाक काम करने के लिए प्रेरित नहीं करना चाहतीं. उनके लिए संदेश यह है कि अगर उनकी मां अपने डर का सामना करके किसी लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश कर सकती हैं, तो उनकी बेटियां भी खुद पर भरोसा कर सकती हैं. वह चाहती हैं कि उनकी बेटियों में आत्मविश्वास हो और उन्हें अपनी क्षमता का एहसास रहे.
अभिनव के लिए कही ये बात
रुबीना ने कहा कि ऐसा पार्टनर मिलना बहुत बड़ी बात है, जो बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी बराबरी से या उससे भी ज्यादा उठाए. उन्होंने अभिनव को लेकर कहा कि उनकी वजह से वह अपने करियर पर ध्यान दे पाती हैं, क्योंकि जब वह बाहर होती हैं तो अभिनव उनकी बेटियों की देखभाल करते हैं. रुबीना ने माना कि यह जिम्मेदारी अभिनव के लिए भी आसान नहीं है. उनके मुताबिक, 40 दिनों तक खतरों के खिलाड़ी का हिस्सा बन पाना अभिनव के सहयोग के बिना संभव नहीं होता. कई बार जब वह खुद को बहुत ज्यादा भावुक और परेशान महसूस करती थीं, तो अभिनव के सामने ही रोती थीं.



