वाराणसी पर नया अपडेट
Varanasi: 2027 में सिनेमाघरों में खूब धमाल होने वाला है. कई बड़ी फिल्मों पर महीनों से तैयारी हो रही है. जिसमें से एक है- एस.एस राजामौली की ‘वाराणसी’. फिल्म का पहले ही 80 परसेंट काम कंप्लीट हो गया है. साथ ही महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन अपने-अपने हिस्से का काम पूरा कर रहे हैं. इस फिल्म को लेकर ऐसी चर्चा है कि 1200-1300 करोड़ रुपये के बजट से इसे बनाया गया है. हालांकि, राजामौली पहले ही बता चुके हैं कि जैसे-जैसे फिल्म का काम हो रहा है, वो उसे एडिट करने के लिए दे देते हैं. पर अब फिल्म को लेकर एक और जबरदस्त अपडेट आ गया है. हाल ही पता लगा कि राजामौली फिल्म को लगभग 50 भाषाओं में डब करने और 120 देशों में रिलीज करने की प्लानिंग कर रहे हैं. जिसमें AI से बनी या सिंथेटिक आवाजों के बजाय असली आर्टिस्ट की आवाज का इस्तेमाल किया जाएगा.
अब क्योंकि ‘वाराणसी’ को ग्लोबल लेवल पर बनाया जा रहा है, तो आवाज भी काफी मायने रखती है. साथ ही राजामौली ‘वाराणसी’ को लोकल रंग देने के लिए बड़े लेवल पर काम कर रहे हैं. हाल ही में एक रिपोर्ट छपी. जिससे पता लगा कि एस.एस राजामौली की प्लानिंग है कि फिल्म को लगभग 50 भाषाओं में डब किया जाए. साथ ही पिक्चर को 120 देशों में रिलीज किया जाए. इसके लिए उन्होंने AI से बनी या सिंथेटिक आवाजों को इस्तेमाल न करने का फैसला किया है.
क्यों राजामौली ने बड़ा फैसला किया है?
‘वाराणसी’ की डबिंग और रिलीज प्लान पर बात करते हुए बताया गया कि ”राजामौली नहीं चाहते कि जब फिल्म एक भाषा से दूसरी भाषा में जाती है तो प्रदर्शन कमजोर हो जाए. उनके लिए, डबिंग का मतलब केवल डायलॉग को ट्रांसलेट करना और लिप्सिंग करना नहीं है. आवाज में किरदार का इमोशन, पर्सनालिटी और इरादे को शामिल करना होता है. राजामौली चाहते हैं कि हर मार्केट में दर्शक परफॉर्मेंस का एक्सपीरियंस करें, न कि केवल डायलॉग जानें.”
हाल ही में राजामौली ने उन बातों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि फिल्म की झलक बनाने के लिए AI का इस्तेमाल किया गया था. साथ ही बताया था कि, ” आवाज उस परफॉर्मेंस का ही एक हिस्सा है, इसलिए वो चाहते हैं कि अलग-अलग भाषाओं के वर्जन के लिए असली आर्टिस्ट हों. फाइनल कट के लिए आवाजें चुनने से पहले 1500 से ज्यादा एक्टर्स के वॉयस सैंपल लिए जाएंगे. देखना होगा कि वाराणसी को लेकर मेकर्स अगला अपडेट कबतक शेयर करते हैं.



