यमन के ताइज प्रांत में रविवार को एक बाजार पर हुए हमले में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 घायल हुए हैं. मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं. हमला माविया जंक्शन के पास हुआ, जहां दुकानों के साथ कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए. एक मोटरसाइकिल मलबे में दब गई, जबकि आसपास की कुछ इमारतें ढह गईं.
घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. इलाके में हुए नुकसान की तस्वीरों में बाजार का बड़ा हिस्सा मलबे में नजर आया. यहीं से इस हमले को लेकर सवाल भी उठता है कि आखिर निशाना क्या था, आम लोगों से भरा बाजार या उसके पास बना कोई सैन्य ठिकाना?
हमले को लेकर दो दावे
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बाजार की दुकानों पर हमला किया गया था. इसी हमले में 7 लोगों की मौत हुई और 40 घायल हुए. मंत्रालय ने घायलों में बच्चों के शामिल होने की भी जानकारी दी.
वहीं, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की कहानी इससे अलग है. उसका कहना है कि सेना ने माविया जंक्शन के पास बने हूती सैन्य शिविर और वहां मौजूद वाहनों को निशाना बनाया था. सरकार से जुड़े तीन सैन्य सूत्रों ने दावा किया कि हूती लड़ाकों ने हाल में बाजार के करीब यह शिविर बनाया था. यानी एक ही जगह, लेकिन घटना की दो अलग तस्वीरें. हूती पक्ष इसे बाजार पर हुआ हमला बता रहा है, जबकि यमन सरकार का कहना है कि निशाना सैन्य ठिकाना था.
हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में क्षतिग्रस्त वाहन, मलबे में पड़ी मोटरसाइकिल और ढही हुई इमारतें दिखाई दीं. रॉयटर्स ने इमारतों, सड़क की बनावट और आसपास के पहाड़ों की सैटेलाइट तस्वीरों से तुलना कर हमले की जगह की आंशिक पुष्टि की है.
हालांकि, हमले में वास्तव में किसे निशाना बनाया गया था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. फिलहाल इस घटना में 7 मौतों और 40 लोगों के घायल होने की जानकारी दोनों पक्षों के बीच जारी दावों के बीच सामने है.
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