सोच इतनी सीमित और बनावटी… शर्मिला टैगोर के वंदे मातरम् वाले बयान पर कंगना रनौत ने क्या कहा?

सोच इतनी सीमित और बनावटी… शर्मिला टैगोर के वंदे मातरम् वाले बयान पर कंगना रनौत ने क्या कहा?

सोच इतनी सीमित और बनावटी... शर्मिला टैगोर के वंदे मातरम् वाले बयान पर कंगना रनौत ने क्या कहा?

कंगना रनौत, शर्मिला टैगोर

पिछले कुछ दिनों से इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को भारत के राष्ट्रीय गान जन गण मन से रिप्लेस कर देना चाहिए. इसपर कई स्टार्स के रिएक्शन्स भी आ रहे हैं. पहले बॉलीवुड की लेजेंड्री एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर ने राष्ट्रीय गान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. उनके बयान पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी इसपर रिएक्ट किया है. कंगना ने राष्ट्रगान के मुद्दे पर शर्मिला टैगोर का घेराव करते हुए अपने विचार व्यक्त किए हैं.

कंगना रनौत की मानें तो वे शर्मिला टैगोर के बयान से आंशिक रूप से सहमत हैं. उनके मुताबिक राष्ट्रगान को कभी भी धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने हाल ही में हाइलाइट हुए इस वीडियो पर अपने विचार भी व्यक्त किए हैं.

कंगना रनौत ने क्या कहा?

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने शर्मीला टैगोर का वीडियो शेयर करते हुए कहा- ”मैं वंदे मातरम् पर शर्मिला टैगोर के विचार की प्रशंसा करती हूं. लेकिन मैं इस बात से काफी हैरान भी हूं कि एक आर्टिस्ट के तौर पर कला और कविताओं को लेकर उनकी सोच इतनी सीमित कैसे हो सकती है. एक कवि हर तरह की कल्पनाओं को विस्तार देता है ताकि उनकी कविताओं में वो प्रभाव नजर आए. वंदे मातरम स्वतंत्रता सेनानी बंकिम चंद्र चटर्जी के संघर्षों का आत्मीय स्वरूप है जिसमें उन्होंने इंसान को उसकी अंदरूनी शक्ति से परिचित कराया. इस महान काव्य को भला कोई किसी विषेश धर्म तक सीमित कैसे रख सकता है.”

कंगना ने आगे कहा- ”स्वामि विवेकानंद जी ने कहा था कि उन्हें ऐसे युवा चाहिए जिनकी मांसपेशियां लोहे की हों, हड्डियां स्टील की हों और जिनकी नसों में बिजली दौड़ती हो. वो ऐसा कहकर देश के मौसम का हाल नहीं बता रहे थे बल्कि देश की युवा शक्ति का एहसास करा रहे थे. कृपया हिंदू-मुस्लिम वाले विचार से बाहर निकलें. आइए हम एक-दूसरे को गले लगाएं. मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और कभी भी आपके उस कड़क गले मिलने से मुझे कोई आपत्ति नहीं है जो आप मुझे हमेशा देती हैं.”

ये भी पढ़ें- एक ईश्वर को मानने वालों के लिए 2 छंद सही वंदे मातरम् को लेकर छिड़ी बहस पर बोलीं शर्मिला टैगोर

शर्मिला टैगोर ने क्या कहा था?

शर्मिला टैगोर ने हालिया इंटरव्यू के दौरान वंदे मातरम् और जन गण मन के बारे में अपने विचार रखे थे. उन्होंने कहा- ”मेरे मुताबिक भारत में कई धर्मों के लोग रहते हैं जो एक ही भगवान पर विश्वास रखते हैं. लेकिन वंदे मातरम् के कुछ छंद ऐसे हैं जो कई सारे भगवान को मानने की ओर इशारा करते हैं. अगर आप पढ़ोगे तो आपको पता चलेगा कि उसमें नाम के साथ सभी भगवानों का जिक्र है. ऐसे में जो लोग सिर्फ एक धर्म पर विश्वास रखते हैं उनके लिए वंदे काली या वंदे दुर्गा कहना मुश्किल भरा होगा. इसलिए भारत में जितने भी धर्म के लोग हैं उनको अगर साथ लेकर चला जाए तो पहले के दो छंद बहुत अच्छे हैं.”

पुनीत उपाध्याय

पुनीत उपाध्याय

पत्रकारिता जगत में पूरे कर चुका हूं 4 साल. सिनेमा, साहित्य पर लिखने का शौक, कभी खोजी पत्रकार, कभी मौजी पत्रकार.

Read More

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *