‘को-पायलट नमाज के बहाने उठा और पीछे से मार दी कुल्हाड़ी…’, कैप्टन स्मित ने बताया कॉकपिट में क्या-क्या हुआ था – flydubai pilot smit machhar bravery co pilot attack 174 passengers saved ntcpvp

‘को-पायलट नमाज के बहाने उठा और पीछे से मार दी कुल्हाड़ी…’, कैप्टन स्मित ने बताया कॉकपिट में क्या-क्या हुआ था – flydubai pilot smit machhar bravery co pilot attack 174 passengers saved ntcpvp

फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार ने 30 सितंबर को हुई घटना के बारे में नई जानकारियां दी हैं.कैप्टन के मुताबिक, ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी अपनी सीट से यह कहते हुए उठा था कि वह नमाज पढ़ना चाहता है. इसके कुछ ही मिनट बाद उसने पीछे से कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया.

स्मित मछार ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि को-पायलट उनके पीछे नमाज पढ़ रहा है. उन्होंने सम्मान के चलते जानबूझकर पीछे मुड़कर नहीं देखा. लेकिन करीब चार-पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार हुआ. हमले में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी विमान में आपात स्थिति के लिए रखी गई थी.

इस हमले में स्मित की आंखों के सामने सबकुछ धुंधला हो गया था. इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा दो बार खोलने की कोशिश की. पहली बार दरवाजा खोलने पर हमलावर ने उसे फिर बंद कर दिया और स्मित फर्श पर गिर गए. इसके बाद उन्होंने पूरी ताकत जुटाकर दूसरी बार दरवाजा खोला. बाहर मौजूद लोग कॉकपिट में घुसे और हमलावर को काबू कर लिया. विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली थे.

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नेतन्याहू से बातचीत में बताई हमले की कहानी

ये नई जानकारियां शनिवार यानी 3 अक्टूबर को सामने आईं, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्मित मछार से बात की. हमले में घायल स्मित को सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया है, जहां वह अपनी चोटों से उबर रहे हैं. इससे एक दिन पहले यानी 2 अक्टूबर को स्मित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की थी. पीएम मोदी से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान में सवार लोगों को बचाने के लिए खुद को दोबारा खड़ा करने का फैसला किया था.

वहीं, नेतन्याहू के साथ बातचीत में स्मित ने हमले से ठीक पहले और उसके बाद कॉकपिट में हुई घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया.

यह भी पढ़िएः नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मछार से की वीडियो कॉल, बोले- ‘आप इजराइल, भारत और पूरी दुनिया के हीरो!’

नमाज पढ़ने के लिए उठा था को-पायलट

स्मित के मुताबिक, बोइंग 737 मैक्स 8 विमान सामान्य रूप से उड़ रहा था. इसी दौरान ओमानी को-पायलट अपनी सीट से उठा और नमाज पढ़ने लगा. स्मित को इसमें कुछ असामान्य नहीं लगा. उन्होंने बताया कि सम्मान के चलते उन्होंने जानबूझकर पीछे नहीं देखा. करीब चार से पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ.

पहला वार इतना अप्रत्याशित था कि स्मित को तुरंत समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है. उन्हें पहले लगा कि शायद विमान किसी चीज से टकरा गया है या उसमें कोई बड़ी गड़बड़ी हुई है. लेकिन दूसरा वार होते ही उन्हें एहसास हुआ कि हमला उनके पीछे मौजूद व्यक्ति कर रहा है. स्मित ने यह नहीं कहा कि उन्हें उस समय पता था कि को-पायलट नमाज को हमले के बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है. हालांकि, उनके बताए घटनाक्रम के मुताबिक, इसी दौरान कैप्टन सामने की ओर देख रहे थे और सह-पायलट पर उनकी नजर नहीं थी.

आंखों के सामने छाया धुंधलापन, तेजी से नीचे जाने लगा प्लेन

इसके बाद स्मित और को-पायलट हमाम अल-हम्मामी के बीच संघर्ष शुरू हो गया. स्मित ने नेतन्याहू को बताया कि शुरुआती हमलों की वजह से उनकी नजर पूरी तरह धुंधली हो गई थी. इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे की ओर जा रहा है.

घायल और दिशाहीन होने के बावजूद स्मित किसी तरह कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचे और उसे खोल दिया. स्मित ने बताया, ‘मैंने कॉकपिट का दरवाजा एक बार खोला, लेकिन को-पायलट ने उसे बंद कर दिया और मैं फर्श पर गिर गया.’ गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने दोबारा कोशिश करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि उन्हें एहसास हुआ कि उनके पास केवल एक और मौका है.

स्मित के मुताबिक, उस वक्त उन्हें लगा कि उनकी मौत हो सकती है. इसके बाद उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाई, दरवाजे तक पहुंचे और उसे दोबारा खोल दिया. 

दूसरी बार खुला दरवाजा और कॉकपिट में घुसे लोग

कॉकपिट का दरवाजा दूसरी बार खुलते ही स्मित ने बाहर कुछ लोगों को अंदर आने के लिए तैयार देखा. दरवाजा खुलते ही वे लोग कॉकपिट में घुसे और हमलावर को काबू कर लिया. इसके बाद विमान को दोबारा नियंत्रण में लाने में मदद मिली. स्मित ने कॉकपिट के दरवाजे को लेकर भी एक अहम बात स्पष्ट की. नेतन्याहू ने बातचीत में ‘पिन खींचने’ का जिक्र किया था, जिस पर स्मित ने बताया कि दरवाजे में ऐसा कोई पिन नहीं था.

उनके मुताबिक, कॉकपिट के अंदर से एक नॉब घुमाकर दरवाजा खोला जा सकता था, जबकि बाहर मौजूद लोगों को अंदर आने के लिए एक कोड डालना पड़ता था. उनके सहयोगी बाहर से कोड डालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमलावर दरवाजा खुलने से रोक रहा था.

ऐसे में स्मित के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस नॉब तक पहुंचने की थी. एक बार उनका हाथ नॉब तक पहुंचा तो उसे थोड़ा घुमाकर दरवाजा खोला जा सकता था.

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174 लोगों को लेकर दुबई से तेल अवीव जा रहा था विमान

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी. विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली थे. इसी दौरान ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया. हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा और हाईजैक जैसी आपात स्थिति पैदा हो गई. यात्रियों और अन्य पायलटों की मदद से हमलावर को काबू किया गया और विमान पर दोबारा कंट्रोल हासिल किया गया. बाद में विमान को उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ दिया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई.

इस पूरे मामले की संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इजरायल के अधिकारी जांच कर रहे हैं. नेतन्याहू ने ओमानी को-पायलट को लेकर कहा है कि वह ‘इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित’ हुआ था. वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारी हमले की परिस्थितियों, उसके मकसद और इसमें पहले से किसी तरह की साजिश या आतंकी कनेक्शन की जांच कर रहे हैं.

‘अगर मैं नहीं उठा तो यात्रियों की जान जा सकती है’

इससे पहले अस्पताल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में स्मित ने बताया था कि वह घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर पड़े थे. उसी समय उन्हें एहसास हुआ कि अगर वह दोबारा नहीं उठे तो विमान में मौजूद यात्रियों की जान जा सकती है. उन्होंने पीएम मोदी से कहा था कि वह अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे थे, लेकिन साथ ही उन्होंने तय कर लिया था कि वह दूसरे लोगों को मरने नहीं देंगे.

स्मित ने यह भी बताया था कि उन्हें विमान उड़ाते हुए 17 साल हो चुके हैं और वह आंखें बंद होने के बावजूद विमान की स्थिति को महसूस कर सकते हैं. संकट के दौरान उन्होंने अपनी आस्था से भी हिम्मत ली और हनुमान चालीसा का पाठ किया. उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि भगवान हनुमान से उन्हें साहस मिला.

नेतन्याहू ने स्मित मछार और पीएम मोदी को इजरायल बुलाया

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की सराहना की है. उन्होंने स्मित को ‘इजरायल, भारत और दुनिया का हीरो’ बताया. नेतन्याहू ने स्मित मछार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया है. 30 सितंबर की घटना में स्मित मछार की दूसरी बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश निर्णायक साबित हुई. पहली कोशिश नाकाम होने के बावजूद उन्होंने गंभीर चोट और धुंधली नजर के बीच दोबारा दरवाजा खोला, जिससे बाहर मौजूद लोगों को कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला.

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