‘मिर्जापुर’ डायलॉग
Mirzapur The Movie Dialogue: ओटीटी पर राज करने के बाद अब कालीन भैया और गड्डू पंडित का खौफ सिनेमाघरों में गूंज रहा है. ‘मिर्जापुर: द मूवी’ थिएटर्स में आ चुकी है. इस बार कहानी सिर्फ गद्दी की नहीं, बल्कि बड़े पर्दे पर भौकाल की भी है. मुन्ना भैया की वापसी और नए किरदारों के साथ मुकाबला और भी खूंखार हो गया है. खास बात है कि ओटीटी सीरीज में दम तोड़ चुके मुन्ना भैया (दिव्येंदु शर्मा) की सिनेमाघर वाले इस अलग यूनिवर्स में वापसी दर्शकों के लिए बड़ा सरप्राइज है. वहीं, कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) और गड्डू पंडित (अली फजल) का आमना-सामना विजुअल्स और हैवी बैकग्राउंड स्कोर के साथ और भी धमाकेदार लग रहा है. साथ ही रवि किशन और जितेंद्र कुमार जैसे नए किरदारों की एंट्री ने पूर्वांचल की इस गैंगवार में एक नया मोड़ जोड़ दिया है. खैर, एडवांस बुकिंग शानदार तरह से होने के बाद अब फिल्म के धांसू डायलॉग आपको बताते हैं.
दरअसल मिर्जापुर की असली जान हमेशा से इसके वो डायलॉग्स रहे हैं, जो हर किसी की जुबान पर चढ़ जाते हैं. बड़े पर्दे पर जब कालीन भैया और गड्डू पंडित अपनी कड़क आवाज में डायलॉग डिलीवर करते हैं, तो पूरा थिएटर सीटियों और तालियों से गूंज उठता है. इस बार भी तीखा पूर्वांचली अंदाज, वही बेबाक डायलॉगबाजी और मुन्ना भैया की वन-लाइनर्स से भौकाल दोगुना हो चुका है. आपका पसंदीदा ‘मिर्जापुर’ डायलॉग कौन सा है?
‘मिर्जापुर: द मूवी’ के 10 डायलॉग
1. राजा का साम्राज्य सैनिक लोग चलाते हैं और मारे भी वही जाते हैं: बबलू पंडित (जितेंद्र कुमार)
2. ये इमानदारी ना पापा अजगर है लपेटे आप है लेकिन दम सबका घुटता है.
3. मिर्जापुर का बॉर्डर हमें रोक थोड़ी ना पाएगा? जब मन करेगा आएंगे जब मन करेगा जाएंगे.
4. क्या जिंदगी भर हम सिर्फ मांगते रहेंगे पापा? थक गए थे मांगते मांगते इसलिए शायद छीन ने का मन किया?
5. मिर्जापुर के सबसे बड़े अल्फा आप हो…
6. पूर्वांचल में एक ही दरवाजा है यादव जी वो है हमारा, अगर हमारा नहीं खुला तो और कोई भी दरवाजा नहीं खुलेगा.
7. अखंडता त्रिपाठी अब बचेंगे नहीं और हम बनेंगे मिर्जापुर के किंग.
8. हमें एम्पायर चलाना है गुड्डु भैया बढ़ाना नहीं है.
9. सर पर मारो या चाटी पर, गोली चलाते हुए चैरिटी नहीं करनी होती है.
10. गोलियां चलती हैं तो लोग मरते हैं, उसे जीवन भर याद नहीं करते.



