देहरादून के बल्लीवाला इलाके में बीजेपी पार्षद के घर हुई लूट की वारदात से हड़कंप मच गया है. आरोप है कि घर में काम करने वाले एक नौकर ने परिवार के सदस्यों के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया. खाना खाने के बाद पार्षद और उनके परिवार की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोशी की हालत में पहुंच गए. इसी दौरान आरोपी घर से लाखों रुपये के गहने और नकदी लेकर फरार हो गया.
वारदात के बाद बीजेपी पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम की तबीयत बिगड़ गई. तीनों को इलाज के लिए देहरादून के सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस को आशंका है कि वारदात में घर के नौकर के अलावा कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं.
इस पूरी घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. फुटेज में कुछ लोग पार्षद के घर के अंदर दाखिल होते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के साथ घटनास्थल से मिले दूसरे सुरागों को भी खंगाल रही है. इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
शुरुआती जांच में घर में काम करने वाले नौकर की भूमिका सामने आई है, जो वारदात के बाद से फरार है. बताया जा रहा है कि आरोपी नेपाल का रहने वाला है और उसे पार्षद की बेटी मेघा ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घरेलू काम के लिए रखा था. मेघा दिल्ली में रहती हैं और करीब 25 दिन पहले ही इस नौकर को काम पर रखा गया था. परिवार के मुताबिक ऑनलाइन माध्यम से उसकी जानकारी जुटाने के बाद उसे नौकरी पर रखा गया था.
परिवार का कहना है कि इतने कम समय में ही नौकर ने उनका भरोसा हासिल कर लिया था. आरोप है कि बुधवार को उसने परिवार के सदस्यों के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया. खाना खाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए. इसी दौरान आरोपी ने घर में रखी नकदी और लाखों रुपये के सोने के जेवरात समेत अन्य सामान समेट लिया और मौके से फरार हो गया.
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती फरार नौकर तक पहुंचना है. पुलिस उसके मोबाइल नंबर, ऑनलाइन संपर्क और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है. इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे. सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.
मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देहरादून पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है. पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और घटना से जुड़े हर पहलू की पड़ताल की जा रही है. ऑनलाइन माध्यम से नौकर की नियुक्ति, उसके पिछले रिकॉर्ड और घटना के बाद उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है.
देहरादून में हुई इस वारदात ने घरों में घरेलू काम के लिए ऑनलाइन माध्यम से रखे जाने वाले कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका पूरी तरह जांच के बाद ही साफ होगी. फिलहाल पार्षद और उनके परिवार का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस फरार नौकर और उसके संभावित साथियों की तलाश में जुटी है.
—- समाप्त —-

