रिएलिटी शोज में बॉलीवुड सितारे
Bollywood Stars In Reality Shows: एक दौर था जब बॉलीवुड के ए-लिस्टर एक्टर्स के लिए टीवी या रिएलिटी शोज में जाना सिर्फ प्रमोशन तक सीमित होता था. पर्दे का वो फासला अक्सर ये बताता था कि टीवी एक्टर्स की तुलना में ये स्टार्स पहुंच से बाहर हैं. लेकिन पिछले कुछ सालों में ये फासला न सिर्फ पूरी तरह मिट चुका है, बल्कि अब बॉलीवुड के बड़े-बड़े नाम बिना किसी हिचकिचाहट के रिएलिटी शोज में कंटेस्टेंट बन रहे हैं.
हाल ही में 90 के दशक के ‘हीरो नंबर 1’ यानी गोविंदा के रिएलिटी शो ‘राइज एंड फॉल 2’ में बतौर कंटेस्टेंट आने की खबरों ने बाजार गर्म कर दिया. वहीं दूसरी तरफ अमेजन प्राइम के शो ‘द अलायंस’ में सोहेल खान नजर आए और करण जौहर के सस्पेंस रिएलिटी शो ‘द ट्रेटर्स’ में मल्लिका शेरावत दिखीं. अब सवाल ये उठता है कि जब फिल्मों का रुतबा हमेशा से सबसे ऊपर रहा है, तो फिर इन सितारों को अचानक रिएलिटी शोज की यह दुनिया इतनी क्यों भाने लगी है? क्या ये सिर्फ भारी-भरकम फीस का मामला है, खोई हुई लाइमलाइट पाने की कोशिश है या फिर एक सोची-समझी ब्रांडिंग स्ट्रैटेजी?
बिना फिल्टर वाली पर्सनालिटी
दरअसल, फिल्मों में एक्टर को एक स्क्रिप्ट और किरदार के पीछे छिपना पड़ता है, लेकिन रिएलिटी शो स्टार की असली पर्सनालिटी को बिना किसी फिल्टर के सामने ले आता है. इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण बने सोहेल खान. ‘द अलायंस‘ में सोहेल ने न तो कोई बड़ी साजिश रची, न ही किसी से चीख-चिल्लाकर झगड़ा किया. अब तक दर्शकों के दिमाग में सोहेल की पहचान सिर्फ सलमान खान के भाई और थोड़े सीरियस या गुस्से वाले मिजाज के तौर पर थी. लेकिन शो में उनका शांत, सुलझा हुआ और चिल रहने वाला अंदाज सामने आया. नतीजा यह हुआ कि इंटरनेट की यंग जनरेशन ने उन्हें ‘पूकी सोहेल’ का टैग दे दिया. यानी सालों से बनी एक स्टीरियोटाइप इमेज बिना किसी पीआर स्टंट के सिर्फ 10-15 दिन के शो से 180 डिग्री घूम गई.
मल्लिका शेरावत का बेबाक अंदाज
पैसा हमेशा से एक बड़ा फैक्टर रहा है, और इसे मल्लिका शेरावत ने खुद बेबाकी से कबूल किया. ‘द ट्रेटर्स’ में हिस्सा लेने को लेकर जब उनकी भारी-भरकम फीस पर सवाल उठा, तो मल्लिका ने साफ कहा कि अगर आप इंडिपेंडेंट हैं, तो पैसा हमेशा मायने रखता है. मुझे अपने बिल भरने हैं, अपना लाइफस्टाइल मेंटेन करना है.
सच भी यही है. ओटीटी और टीवी के मेकर्स के पास आज इतना बजट है कि वे बॉलीवुड स्टार्स को महज 15 से 20 दिन की शूटिंग के लिए किसी पूरी फिल्म के बराबर या उससे ज्यादा की गारंटीड फीस चेक पर लिखकर दे देते हैं. मल्लिका ने शो में कोई बहुत बड़ी रणनीति नहीं बनाई, लेकिन उनका विंटेज ग्लैमर, आउटफिट्स और हाजिरजवाबी दर्शकों को शो से बांधने के लिए के लिए काफी बेहतर साबित हुआ.
‘ब्रांड वैल्यू’ का खेल
जब गोविंदा जैसे बड़े स्टार ‘राइज एंड फॉल 2’ में जाने की तैयारी करते हैं, तब ये सिर्फ उनका फैसला नहीं होता, बल्कि मेकर्स का मास्टरस्ट्रोक होता है. निजी जिंदगी में चल रही उथल-पुथल के बीच गोविंदा को पर्दे पर देखने की उत्सुकता आम जनता में आज भी बनी हुई है. मेकर्स जानते हैं कि किसी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या टीवी स्टार के मुकाबले एक बॉलीवुड नाम की ब्रांड वैल्यू और रिकॉल वैल्यू कई गुना ज्यादा होती है.
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बॉलीवुड में कुछ फिल्मों की रिलीज में दो-दो साल लगते हैं, और बॉक्स ऑफिस का कोई भरोसा नहीं रह गया है. ऐसे में रिएलिटी शोज सितारों को तगड़ा और तुरंत कैश, हर हफ्ते टीवी/ओटीटी पर सीधे करोड़ों लोगों से जुड़ाव और सोशल मीडिया पर हफ्तों तक चलने वाली चर्चा, ये तीन चीजें एक साथ थाली में परोसकर देते हैं. कुल मिलाकर, रिएलिटी शोज अब बॉलीवुड के लिए ‘डाउनग्रेड’ नहीं रहे, बल्कि यह एक ऐसा विन-विन गेम बन चुका है जहां मेकर्स को टीआरपी और टीयर-1 स्टारडम मिलता है, और सितारों को अपनी प्रासंगिकता (रिलीवेंस) बनाए रखने का एक रास्ता.



